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Sunflower Cultivation: यूट्यूब से सीखी इस फूल की खेती, अब तगड़ी कमाई कर रहा है किसान

Sunflower Cultivation : बिहार में सूरजमुखी की खेती बहुत होती थी। लेकिन समय के साथ जमुई में इसकी खेती कम होने लगी। लेकिन जिले के किसान सूरजमुखी की खेती कर रहे हैं। वे परंपरागत खेती से हटकर अपने खेतों में सूरजमुखी की फसल उगाने लगे हैं। साथ ही यूट्यूब और सोशल मीडिया (youtube and social media) की मदद से इस किसान को सूरजमुखी की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी मिल रही है। यूट्यूब पर तकनीक सीखने के बाद उन्होंने अपने खेतों में सूरजमुखी की फसल लगाई और अब यह बेहतर हो रही है।

Sunflower cultivation
Sunflower cultivation
कि उसके खेतों में सूरजमुखी की अच्छी फसल लहलहा रही है। यह कहानी है जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के गेनाडीह गांव के मूल निवासी सुरेंद्र मंडल की, जिन्होंने पारंपरिक खेती छोड़कर सूरजमुखी की खेती की।

अकेले ही उठाया किसानी का जिम्मा

यह याद रखना जरूरी है कि सूरजमुखी की खेती उसके तेल के लिए की जाती थी और इसे तिलहन फसल के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। हालांकि, सूरजमुखी की खेती धीरे-धीरे कम होने लगी। अब सूरजमुखी की खेती जमुई के किसान सुरेंद्र मंडल कर रहे हैं। अपने समुदाय में वे ऐसा करने वाले अकेले किसान हैं। उन्होंने अब तक एक बीघा में सूरजमुखी की खेती की है। उनके खेत में सूरजमुखी के बड़े-बड़े फूल खिल रहे हैं। नतीजतन, वे स्थानीय किसानों के लिए प्रेरणास्रोत (Source of inspiration) भी बन रहे हैं। सुरेंद्र मंडल के मुताबिक, वे शुरू से ही खेती करते आ रहे हैं। खेती से ही वे अपने बच्चों को पढ़ा पा रहे हैं। उनकी बेटी पैक्स अध्यक्ष हैं और उनका एक बेटा फिलहाल रेलवे में उच्च पद पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने सभी बच्चों को खेती से ही पढ़ाया है और भविष्य में भी खेती जारी रखने की योजना बना रहे हैं।

दोस्त ने दिखाई थी राह

सुरेंद्र मंडल के मुताबिक, उन्होंने अपने दोस्त रजा अहमद से सूरजमुखी की बागवानी के बारे में सीखा। इससे पहले वे सिर्फ पारंपरिक खेती करते थे। हालांकि, उन्हें इसकी जानकारी उनके दोस्त ने दी थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर इस विषय पर गहन शोध किया, जहाँ उन्हें सूरजमुखी उगाने के बारे में तकनीकी जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार खेत में सूरजमुखी लगाया था, तो पड़ोसी किसान उनका मजाक उड़ाते थे। बताया जाता है कि रवींद्र मंडल तंबाकू उगाते हैं। हालांकि, जब इसके अंदर फूल खिलने लगे, तो लोगों को इसकी असली पहचान का पता चला। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पारंपरिक बागवानी (Traditional Gardening) की तुलना में सूरजमुखी को ज़्यादा आसानी से उगा सकता है। उन्होंने इसी विचार को ध्यान में रखते हुए अपने खेतों में सूरजमुखी लगाया।

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