Success Story: इस सब्जी की खेती से लखीमपुर यह किसान कमा रहा है मोटा मुनाफा
Success Story: सब्जी की बागवानी किसानों को कई तरह के विकल्प देती है। अपनी मांग के अनुसार किसान सब्जी की फसल उगाते हैं और अच्छा मुनाफा कमाते हैं। लखीमपुर जिले के किसान श्री कृष्ण के अनुसार, वे पिछले 20 सालों से लगातार सब्जी उगा रहे हैं। वे सब्जी उगाकर काफी पैसा कमाते हैं। अब उनके पास दो बीघा में नारंगी गाजर है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलता है।

दो बीघा में कृषि कार्य
श्री कृष्ण के अनुसार, अब गाजर की बाजार में काफी जरूरत है। एक बीघा गाजर तैयार करने में करीब दो से तीन हजार रुपये का खर्च आता है। अगर मुनाफे की बात करें तो 20 से 25 हजार रुपये आसानी से मिल जाते हैं। इसी वजह से वे सब्जी की खेती को तरजीह देते हैं।
विटामिन स्रोत
गाजर में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है, खास तौर पर बीटा-कैरोटीन, जिसे शरीर विटामिन ए में बदल देता है और एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करता है। नारंगी गाजर में पाए जाने वाले खनिजों में बीटा-कैरोटीन, ल्यूटिन (beta-carotene, lutein) और अन्य कैरोटीनॉयड शामिल हैं जो त्वचा और आंखों के लिए अच्छे होते हैं।
वजन कम करने के लिए फायदेमंद
इसके अलावा, इसमें फाइबर और विटामिन ए, सी (Fiber and vitamins A, C) और के की अच्छी मात्रा होती है। इसके अलावा, इसमें कैलोरी कम होती है, जो इसे वजन घटाने के लिए एक अच्छा विकल्प बनाती है। गाजर का इस्तेमाल अक्सर अचार, सलाद और दूसरे व्यंजनों में किया जाता है।
बाजार में इसकी बढ़ रही है मांग
बाजारों में गाजर की कीमत अब 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है। लाल गाजर की तुलना में नारंगी गाजर की मांग अधिक है और यह अधिक मुनाफा देती है। इसी वजह से किसान श्री कृष्ण इस गाजर को उगा रहे हैं। इसकी साल भर की मांग के कारण, नारंगी गाजर उगाना एक समझदारी भरा विकल्प है।