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Papaya Farming: यूपी का यह किसान 4 एकड़ में पपीते की खेती कर सालाना कमा रहा है 28 लाख रुपए

Papaya Farming: यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के किसान नकदी फसलों (Cash Crops) को अलग अंदाज में उगा रहे हैं। इस तरह की खेती करने वाले किसान दोहरा मुनाफा कमा रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको एक किसान से मिलवाना चाहते हैं। बांकेगंज क्षेत्र के स्थानीय किसान सगीर एक साल से चार एकड़ जमीन पर पपीता उगा रहे हैं और अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं।

Papaya farming
Papaya farming

पेड़ पर ही पक जाते है पपीते

किसान ने दावा किया कि कम खर्च में उन्हें ज्यादा मुनाफा हो रहा है। पपीते उनके घर पर ही पेड़ पर पक रहे हैं। इसके बाद उन्हें तोड़ा जाता है। इसमें किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं होता। इसका स्वाद भी अलग होता है। साथ ही, पपीता पकते ही खरीदारों की भीड़ लग जाती है। पपीते की यह खेती उन्हें वाकई मालामाल कर रही है।

किसान सगीर ने बताया कि एक एकड़ खेती में करीब एक लाख रुपये का खर्च आता है। वहीं, एक एकड़ पपीते की पैदावार से करीब पांच से सात लाख रुपये की कमाई होती है। इस पपीते की वाकई काफी मांग है। सबसे खास बात यह है कि उत्पादित फसल को बेचना उनके लिए कोई चुनौती नहीं है।

सस्ते दामों पर बड़ी कमाई होगी संभव

अपनी फसल को उचित दामों पर बेचने से उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। किसानों को पपीता उगाने के लिए सब्सिडी भी मिल रही है। लखीमपुर में पपीता काफी लोकप्रिय है। क्योंकि पपीता खाने से कई गंभीर बीमारियां (Serious illnesses) भी ठीक हो जाती हैं। इसके अलावा गर्मियों में पपीते के पेड़ को पांच से छह दिन के अंदर पानी की जरूरत होती है। जबकि ठंड के मौसम में दस से बारह दिन पहले पानी देना पड़ता है।

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