Trolley Mounted Solar Pump Scheme: सरकार इस सोलर पंप पर दे रही है 60% तक की सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं लाभ…
Trolley Mounted Solar Pump Scheme: बेहतर सिंचाई प्रणाली से कृषि उत्पादकता और किसानों के मुनाफे में वृद्धि होती है। किसानों के लिए अपनी फसलों को पानी देना आसान बनाने के लिए योगी सरकार ने Trolley Mounted Solar Pump Scheme शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप के लिए 60% और ट्रॉली के लिए 90% तक सब्सिडी मिलेगी, जिससे वे कम लागत पर इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे।
ट्रॉली पर लगे सोलर पंप को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की क्षमता इसका सबसे बड़ा लाभ है। जिन किसानों के खेत कई स्थानों पर फैले हुए हैं, उन्हें इससे बहुत लाभ होगा। इस योजना की पहले आओ, पहले पाओ की नीति के अनुसार पंप वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में रुचि रखने वाले किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में, कृपया हमें यूपी की Trolley Mounted Solar Pump Scheme के बारे में सभी विवरण यहाँ प्रदान करें।
ट्रॉली माउंटेड सोलर पंप योजना: यह क्या है?
किसानों के लिए अपनी फसलों को पानी देने का एक बेहतरीन तरीका ट्रॉली पर लगे सोलर पंप का उपयोग करना है।
इस योजना में:
- ट्रॉली के उपयोग से किसान सोलर पंप को कहीं भी ले जा सकते हैं।
- कई स्थानों पर फैले खेतों वाले किसानों के लिए प्रत्येक स्थान पर पंप लगाना आवश्यक नहीं होगा।
- यह योजना तालाबों और चेक डैम पर जमीनी स्तर पर सिंचाई के लिए विशेष रूप से सहायक होगी।
किसानों के लिए क्या लाभ हैं?
- कम लागत पर सिंचाई के बुनियादी ढांचे में सुधार
- सौर ऊर्जा का उपयोग होने से बिजली की बचत
- किसान आसानी से गाड़ी का उपयोग करके पंप को ले जा सकते हैं।
- सभी मौसमों के लिए सिंचाई सुविधाएँ
- तालाबों और चेक डैम के लिए जमीनी स्तर पर सिंचाई को बढ़ावा
योजना की उपलब्ध सब्सिडी
- सौर पंप की कुल लागत 1,71,716 रुपये थी।
- ट्रॉली की कीमत 78,000 रुपये है।
- कुल खर्च की गई राशि: 2,49,716 रुपये
- 60% सौर पंप सब्सिडी है।
- ट्रॉली की सब्सिडी का 90%
- किसान का हिस्सा: 79,186 रुपये
ट्रॉली पर लगाए जाने वाले सौर पंप योजना के लिए आवेदन कैसे करें
- ‘Trolley Mounted Solar Pump Scheme’ इच्छुक किसानों के लिए उपलब्ध एक और ऑनलाइन आवेदन है।
- पहले आओ, पहले पाओ की नीति इस कार्यक्रम को संचालित करेगी।
- आवेदन के बाद लघु सिंचाई विभाग में 79,186 रुपये का बैंक ड्राफ्ट जमा करना होगा।
- किसानों द्वारा आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद ही वे प्रोत्साहन राशि के लिए पात्र होंगे।
- यदि किसानों को कार्यक्रम के बारे में कोई प्रश्न हो तो वे विकास भवन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।