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Goat Farming Subsidy Scheme: सिरोही बकरी पालकों को सरकार दे रही है 20 हजार तक का प्रोत्साहन

Goat Farming Subsidy Scheme: राजस्थान सरकार ने पशुधन उत्पादकों की आय बढ़ाने और सिरोही नस्ल की बकरियों की आनुवंशिकी को बढ़ाने के लिए एक नया कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल के तहत चयनित बकरी पालकों (Goat breeders) को प्रत्येक बकरी के लिए 3,000 रुपये और प्रत्येक नर बकरी के लिए 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके अलावा, विभाग बेहतर गुणवत्ता वाली बकरियाँ खरीदेगा और किसानों को 20,000 रुपये तक का भुगतान करेगा।

Goat farming subsidy scheme
Goat farming subsidy scheme

यह कार्यक्रम उन बकरी पालकों के लिए है जो अजमेर, नागौर, राजसमंद, सीकर, चित्तौड़गढ़, जयपुर, चूरू और कुचामन सिटी, राजस्थान जैसे क्षेत्रों में सिरोही नस्ल की बकरियाँ पालते हैं। इस योजना में महिला स्वयं सहायता संगठनों (women’s self-help organisations), गरीब तबके, जनजातियों और अनुसूचित जातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में, कृपया हमें इस खबर के बारे में विस्तृत जानकारी दें:

बकरी पालकों के लिए वित्तीय सहायता

इस कार्यक्रम के तहत बकरी पालकों को दो तरह की वित्तीय सहायता मिलेगी:

बकरी इनाम: चुनी गई बकरियों के पालकों को 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए बकरे से बकरी के प्राकृतिक गर्भाधान के माध्यम से स्वस्थ संतान पैदा होने पर ही यह राशि उपलब्ध होगी।

नर बकरियों के लिए सहायता: 5,000 रुपये प्रति बकरी की दर से नौ महीने तक की देखभाल और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, पालकों को विभाग द्वारा चुनी गई बेहतर बकरियों की खरीद के लिए 20,000 रुपये तक मिलेंगे।

पात्रता और चयन की प्रक्रिया

यह पहल राजस्थान के कुछ जिलों अजमेर, नागौर, सिरोही, राजसमंद, सीकर, चित्तौड़गढ़, जयपुर, चूरू और कुचामन सिटी में बकरी पालकों के लिए ही उपलब्ध है। लाभार्थियों का चयन करते समय महिला स्वयं सहायता संगठनों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और निम्न आय वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। इस कार्यक्रम से छोटे और सीमांत किसानों को विशेष रूप से लाभ होगा क्योंकि बकरी पालन सस्ता है और इससे उच्च लाभ होता है।

योजना में मुख्य वाक्यांश

  • चयनित बकरियों के प्राकृतिक गर्भाधान के लिए केवल विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई बकरी का ही उपयोग किया जाएगा।
  • केवल तभी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी जब बकरी स्वस्थ बच्चे को जन्म देगी।
  • चुने गए बकरी पालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे पांच साल तक अपने जानवरों को नहीं बेचेंगे।
  • योजना के प्रावधानों का पालन करने की उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने वाले अनुबंध दस्तावेज़ पर पालकों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।
  • कोई भी पालक जो नियमों का उल्लंघन करता है, उसे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और उसकी प्रोत्साहन राशि रद्द कर दी जाएगी।

आवेदन की प्रक्रिया

इच्छुक लाभार्थियों को पशुपालन विभाग के कार्यालय या निकटतम पशु चिकित्सालय (Office or nearest veterinary hospital) से संपर्क करना चाहिए। यह कार्यक्रम केवल चालू वित्तीय वर्ष तक ही उपलब्ध है, इसलिए पालकों को जल्द से जल्द आवेदन करना चाहिए। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी और बकरी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र शामिल हैं।

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