AGRICULTURE

Ginger Farming: अदरक की इस किस्म की खेती से पैदावार में होगी काफी वृद्धि

Ginger Farming: छत्तीसगढ़ के किसान धान की खेती के अलावा अदरक की खेती करके भी अपना मुनाफा बढ़ा सकते हैं।कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर के कर्मचारी अनिल बंजारे का दावा है कि अदरक की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है, लेकिन पानी की कमी के कारण चावल की खेती में कभी-कभी नुकसान होता है। साथ ही, यहां औषधीय छिड़काव (Medicinal spraying) की तुलनात्मक रूप से कम जरूरत होती है, जिससे किसानों की लागत कम होती है।

Ginger farming
Ginger farming

छत्तीसगढ़ की जलवायु के अनुकूल

“सुप्रभा” के नाम से जानी जाने वाली अदरक की उन्नत किस्म को रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ की जलवायु (Climate) को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है। अत्यधिक सुगंधित होने के अलावा, यह देशी किस्म थोड़ी मात्रा में भी भोजन का स्वाद बढ़ा सकती है। अदरक की ‘सुप्रभा’ किस्म प्रति एकड़ 30 से 35 क्विंटल उपज देती है। अदरक की बाजार कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन वे हमेशा कम से कम 120 रुपये प्रति किलोग्राम होती हैं। ऐसी परिस्थितियों में, खेती किसानों के लिए आय का एक विश्वसनीय और आकर्षक स्रोत बन सकती है।

अदरक उगाने के लिए रिज तकनीक का करें इस्तेमाल

कृषि विज्ञान केंद्र के अनिल बंजारे ने कहा कि अदरक की खेती के लिए मिट्टी की तैयारी की आवश्यकता होती है। खेती से पहले जमीन को अच्छी तरह से जोतना और रिज बनाना चाहिए। इसके लिए मई और जून के महीने सबसे अच्छे समय हैं। अदरक के बीजों (Ginger seeds) को सड़न और फफूंद से बचाने के लिए फफूंदनाशक से उपचारित करना चाहिए। चावल की तुलना में अदरक उगाना काफी सस्ता है। रोपण के बाद केवल गुड़ाई और निराई की आवश्यकता होती है। चूंकि अदरक आठ महीने की फसल है, इसलिए उत्पादकों को यह अधिक फायदेमंद लग सकता है।

कम लागत में अधिक उपज करें प्राप्त

अदरक को पहाड़ों के साथ-साथ खेतों में भी उगाया जा सकता है। इससे किसान अधिक भूमि का उपयोग कर सकते हैं और अपनी आय को और भी अधिक बढ़ा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अदरक की खेती (Cultivation of Ginger) से छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। यह फसल कम लागत में अधिक मुनाफा देती है और जलवायु के कारण किसानों को इसे उगाने में अधिक समस्या नहीं होगी। यदि किसान उचित तरीकों का उपयोग करें तो उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

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