Paddy Farming Tips: मार्च महीने में करें धान की इस किस्म की खेती, 60 दिन में होगी बंपर पैदावार
Paddy Farming Tips: इस समय लखीमपुर खीरी, यूपी के किसान साठा धान की रोपाई कर रहे हैं।साठा धान 60 दिन में तैयार हो जाता है। वैसे तो साठा 60 दिन में तैयार होने वाला धान है, लेकिन इसकी खेती से भूजल स्तर (Groundwater level) तेजी से गिरता है, इसलिए इसे प्रतिबंधित किया गया है। दरअसल, गन्ना और गेहूं की कटाई के बाद कुछ महीनों तक खेत खाली रहते हैं। ऐसे में किसान अपनी जमीन पर साठा धान की फसल उगाते हैं।

साठा धान की सिंचाई के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए यह उल्लेखनीय है। ऐसे में मार्च-अप्रैल में कम बारिश होने के कारण सिंचाई के लिए भूजल का उपयोग किया जाता है। इससे भूजल स्तर तेजी से घट रहा है। इससे साठा धान की खेती नहीं हो पा रही है। फिर भी किसान साठा धान उगा रहे हैं और सरकार रोक के बावजूद कार्रवाई कर रही है।
दोमट मिट्टी में उगाएं
दो महीने बाद साठा धान की फसल तैयार हो जाएगी। नकदी फसल होने के कारण किसान इसे उगाने के लिए तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इससे न केवल आसपास के इलाकों को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि गन्ने जैसी अन्य नकदी फसलों का रकबा भी कम होने का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही, साठा धान की खेती के लिए दोमट मिट्टी (Loamy soil) आदर्श मानी जाती है, क्योंकि इसमें पानी को रोकने की अच्छी क्षमता होती है और जल निकासी की व्यवस्था भी बेहतरीन होती है।
क्या कई राज्यों में इसकी मांग देखी जा रही है?
किसान नितेश कुमार वर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हम पिछले तीन सालों से लगातार साठा धान की खेती कर रहे हैं। अगर हम बाज़ारों में बिक्री पर नज़र डालें तो एक क्विंटल साठा धान 60 दिनों में 1500 से 2000 रुपये में बिकता है। मार्च और अप्रैल में साठा धान की बुआई होती है, जून में यह तैयार हो जाता है। कई राज्यों में इस धान की मांग है, मैं आपको बता दूँ। यह धान बहुत मोटा नहीं होता। यही वजह है कि चूड़ा की इतनी मांग है।