AGRICULTURE

Litchi Cultivation: लीची को कीड़ों से बचाने के लिए इन चीजों का करें छिड़काव

Litchi Cultivation: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर इलाके में फलों की खेती मशहूर है। यहां के किसानों में लीची की बागवानी (Litchi Gardening) तेजी से लोकप्रिय हो रही है। जिले के आसपास लीची के बाग लगाए जा रहे हैं। साथ ही, ये बाग काफी बड़े हो गए हैं। फूल आने के बाद लीची का फल बनना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बीच उसके अंदर कीड़े पनपने लगते हैं, क्योंकि वे इसके स्वाद की ओर आकर्षित होते हैं। नतीजतन, लीची अंदर से खराब हो जाती है, लेकिन ऊपर से साफ दिखती है। लीची का आकार छोटा रहता है और वजन कम हो जाता है।’

Litchi cultivation
Litchi cultivation

जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा के मुताबिक, किसानों को लीची के फलों को कीड़ों से बचाने के लिए एक लीटर पानी में आधा ग्राम इमामेक्टिन (Emamectin) का छिड़काव करना चाहिए। किसानों के लिए छिड़काव का दूसरा तरीका एक लीटर पानी में एक मिली प्रोफेनोफॉस का घोल बनाना है। यह निस्संदेह फायदेमंद है।

इन पेड़ों को ज्यादा नुकसान

डॉ. आईके कुशवाहा के मुताबिक, सहारनपुर के लीची के पेड़ अब पूरी तरह खिल चुके हैं। जल्द ही, फूल फल देने लगेंगे। हालांकि, फल उत्पादन के दौरान पेड़ से एक कीड़ा फल तक पहुँच जाता है और उसे बर्बाद कर देता है। नतीजतन, उत्पादकों को तुरंत लीची के पौधों पर कीटनाशकों (Pesticides) का छिड़काव शुरू कर देना चाहिए। जिन बागों में पिछले साल इसका असर देखा गया था, वहाँ यह कीड़ा ज़्यादा दिखाई दे रहा है।

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