Ginger farming: इस फसल की खेती से बम्पर कमाई कर रहा है किसान
Ginger farming: बृजमोहन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के किसान हैं, खास तौर पर निघासन तहसील क्षेत्र के। पिछले तीन सालों से वे लगातार अदरक (Ginger) की खेती कर रहे हैं। किसान बृजमोहन के मुताबिक, वे दस बीघे में अदरक उगाते हैं। जब दूसरी फसलों की जगह अदरक उगाते हैं, तो किसान को काफी मुनाफा होता है। किसान के मुताबिक, खेती से उन्हें काफी मुनाफा होता है।

नौ महीने में Ginger तैयार हो जाएगी
किसान बृजमोहन के मुताबिक, अदरक अब मंडियों में 100 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिक रही है। मार्च और अप्रैल में अदरक की फसल लगाई जाती है। अदरक की फसल आमतौर पर आठ से नौ महीने तक चलती है। नवंबर में यह फसल पूरी तरह से तैयार हो जाती है। अदरक में काफी पोषक तत्व होते हैं। अचार और सब्जियों में भी अदरक होता है। कई लोग अदरक का इस्तेमाल दवा के तौर पर करते हैं। इसके अलावा, अदरक का इस्तेमाल सूखी अदरक बनाने में किया जाता है।
सूखी अदरक की कीमत आम अदरक से ज्यादा होती है। पूरे साल बाजार में इसकी मांग बनी रहती है। नतीजतन, इसकी कीमत भी उतनी ही है। इससे किसानों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलती है। अदरक में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। जैसे कैल्शियम, जिंक, फास्फोरस, मैंगनीज, विटामिन सी आदि। अदरक में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल (Antiviral and antibacterial) गुण होते हैं।
जानवर इसे नुकसान नहीं पहुंचा सकते
किसान बृजमोहन के अनुसार, एक एकड़ अदरक की पैदावार 30 से 35 क्विंटल होती है। इसी वजह से वे पिछले तीन सालों से लगातार अदरक उगा रहे हैं। अदरक की फसल बंदरों और आवारा जानवरों से होने वाले नुकसान से अछूती है।